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इस माह की १० सबसे लोकप्रिय रचनायें
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इश्क की दहलीज भाषा नैनो की जिनको आती है बिन चीनी की , चाय भी उन्हें भाती है मिलते हैं ऐसे हर गलियों में जैसे भंवरे हैं हर कलियों में कुछ...
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जाति क्यों नहीं जाती ज़िन्दा थे तो बे बेनूर थे और मारके कोहिनूर बना दिया हुक्मराणो ...
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मन , हम और बदलता मौसम नौकरी का झमेला और शहरो में परिवार चलाने की कशमकश में मन हमेशा इसी उधेड़बुन में लगा रहता है की, क्या...
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देशवा (भोजपुरी कविता ) साहब साहब कहके पुकार मत बाबू जेके देहले रहले वोट उहे ना बा काबू खेल बा सब सत्ता के और नेता हो गईल बाड़े बेकाब...
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बीजेपी की राजनीति की नाव मे जनता द्वारा छेद bjp ki raajneeti ki naw me janta dwara chhed बीजेपी की मौजूदा हार को ...
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जिंदगी की सार्थकता zindagi ki sarthakta zindaagi ki saarthakta उगते सूरज को देखते हुए ये ख्याल आता है की हम भी जगत मे इसी तरह ...
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भाई साहब बचपन से ही भाई साहब का अस्पष्ट नजरिया हमेशा ही मुझे कुछ दुविधा में डाले रहता था । उधर भाई साहब इसके उलट मुझे ही आ...
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राजनीति पे कविता poem on politics जबसे आप मशहूर हुए कई अपने आप से दूर हुए अब तो आप ही आप है दिल्ली मे जिक्र होता...
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2019 की तैयारी (व्यंग ) 2019 में होने वाले उल्लूसभा की तैयारी जोरो से शुरू हो चुकी है। हर तरफ कलियुग के पुण्यात्माओं द्वारा प...
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सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनल social media vs news channel सोशल मीडिया जबसे फेसबुक ,व्हाट्सअप और इस जैसे अन्य अस्त्रों का अवतरण ...
SPECIAL POST
uff ye berojgaari
उफ्फ ये बेरोजगारी - uff ye berojgari कहते है खाली दिमाग शैतान का पर इस दिमाग में भरे क्या ? जबसे इंडिया में स्किल डिव्ल्पमें...

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