ishq



इश्क़ 


इश्क़ के समंदर में डूबते  है  आशिक़ कई 

बोलो वाह भई वाह भई  वाह भई 

इश्क़ के रोग  का इलाज नहीं 

फिर भी  इस रोग में  पड़ते है कई 
बोलो वाह भई वाह भई  वाह भई

ना रांझे को हीर मिली, ना शीरी को मिला फरहाद 

इस इश्क़ - मुश्क़ के चक्कर  में ,ना जाने कितने हुए बर्बाद 
ना जाने कितने हुए बर्बाद ,  देखो फिर भी ना  छूटी आशिकी 
बोलो वाह भई वाह भई  वाह भई

जख्म  मिलता है, मिलती है देखो रुसवाई 

बैरी हो जाते है अपने , और जमाना हो जाता है हरजाई 
बोलो वाह भई वाह भई  वाह भई

ना  जाने कौन सी दिल्लगी होती है इस इश्क़ में 

जाने  मिलता है कैसा सुकून 
नजरे ढूंढती है दीदार - ए - मुहब्बत 
हम नासमझ क्या जाने , होता है क्या इश्क़ - ए - जूनून 
बोलो वाह भई वाह भई  वाह भई

नैनो की भाषा है , इनायत है रब की 

दिल में चाहत है ,और है आशिकी
हँसते वे बहुत हैं,
हँसते वे बहुत हैं ,जिसे लगा ये रोग नहीं 
बोलो वाह भई वाह भई  वाह भई


इन्हे भी पढ़े  -  

तेरी मेरी कहानी 




7 टिप्‍पणियां:

  1. आदरणीय / आदरणीया आपके द्वारा 'सृजित' रचना ''लोकतंत्र'' संवाद मंच पर 'सोमवार' ०७ मई २०१८ को साप्ताहिक 'सोमवारीय' अंक में लिंक की गई है। आमंत्रण में आपको 'लोकतंत्र' संवाद मंच की ओर से शुभकामनाएं और टिप्पणी दोनों समाहित हैं। अतः आप सादर आमंत्रित हैं। धन्यवाद "एकलव्य" https://loktantrasanvad.blogspot.in/

    टीपें : अब "लोकतंत्र" संवाद मंच प्रत्येक 'सोमवार, सप्ताहभर की श्रेष्ठ रचनाओं के साथ आप सभी के समक्ष उपस्थित होगा। रचनाओं के लिंक्स सप्ताहभर मुख्य पृष्ठ पर वाचन हेतु उपलब्ध रहेंगे।

    उत्तर देंहटाएं
  2. आदरणीय / आदरणीया आपके द्वारा 'सृजित' रचना ''लोकतंत्र'' संवाद मंच पर 'सोमवार' ०७ मई २०१८ को साप्ताहिक 'सोमवारीय' अंक में लिंक की गई है। आमंत्रण में आपको 'लोकतंत्र' संवाद मंच की ओर से शुभकामनाएं और टिप्पणी दोनों समाहित हैं। अतः आप सादर आमंत्रित हैं। धन्यवाद "एकलव्य" https://loktantrasanvad.blogspot.in/

    टीपें : अब "लोकतंत्र" संवाद मंच प्रत्येक 'सोमवार, सप्ताहभर की श्रेष्ठ रचनाओं के साथ आप सभी के समक्ष उपस्थित होगा। रचनाओं के लिंक्स सप्ताहभर मुख्य पृष्ठ पर वाचन हेतु उपलब्ध रहेंगे।

    उत्तर देंहटाएं
  3. jee rachna ko apne manch par sthan dene ke liye aur aapki subhkamna dono ke liye bahut bahut dhanywaad.

    उत्तर देंहटाएं
  4. प्यार वफा है..सजा है..दुआ है..खुदा है प्यार सब कुछ है तभी तो लोग करने से बाज नही आते.

    अच्छा लेखन

    उत्तर देंहटाएं

इस माह की १० सबसे लोकप्रिय रचनायें

SPECIAL POST

uff ye berojgaari

उफ्फ ये बेरोजगारी  - uff ye berojgari  कहते है खाली दिमाग शैतान का पर इस दिमाग में भरे क्या ? जबसे इंडिया में स्किल डिव्ल्पमें...