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इस माह की १० सबसे लोकप्रिय रचनायें
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इश्क़ इश्क़ के समंदर में डूबते है आशिक़ कई बोलो वाह भई वाह भई वाह भई इश्क़ के रोग का इलाज नहीं फिर भी इस रोग में पड़ते है कई ...
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इश्क की दहलीज भाषा नैनो की जिनको आती है बिन चीनी की , चाय भी उन्हें भाती है मिलते हैं ऐसे हर गलियों में जैसे भंवरे हैं हर कलियों में कुछ...
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राफेल विमान सौदा - राफेल विमान आइये पहले तो राफेल डील की शुरुआत पे एक संछिप्त नजर डालते है (क्योंकि जवाब विषय को देखते हुए थोड़ा...
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लहू लाल हूँ ,लहू हूँ , अछूत नहीं सड़को पर बहाते हो कभी आजमाते हो खून हूँ , सुकून हूँ ,ना बहुँ तो थम जाते हो ...
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ए मैरिज इन बिहार दूल्हे का भाव और दूल्हे के छोटका भाई का ताव देखकर रिश्तेदारों को यह समझते देर न लगी की आज बिहारी दूल्हे और उसक...
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धनतेरस , दीपावली और परिवार धनतेरस की सुबह से ही भौजाई पूरे मूड में थी , घर के आँगन में जोर - जोर से उनके चिल्लाने की आवाज...
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पप्पू पास हो गया - pappu paas ho gaya मैं और पप्पू बचपन से ही एक साथ स्कूल मे साथ - साथ पढ़ते आये थे , शुरुआत मे जब पप्पू चौथी ...
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ठेलुआ और मथेलुआ ठेलुआ और मथेलुआ अपने गाँव के सबसे बड़े लाल बुझक्कड़ हुआ करते थे , लाल बुझक्कड़ अत्यंत ही प्राचीन भाषा का शब्द है चूं...
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राहुल गाँधी और चाणक्य नीति चाणक्य ने कहा था की किसी विदेशी महिला की कोख से उत्पन्न संतान उस देश का हित कभी नहीं सोच सकती । ...
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प्रेम प्रेम एक लाइलाज रोग है जोकि अँखियों के झरोखे से शुरू होते हुए दिल के दरवाजे को खोलकर ऐसे कोने में घुसकर बैठ जाता है जहाँ से इसे...
SPECIAL POST
uff ye berojgaari
उफ्फ ये बेरोजगारी - uff ye berojgari कहते है खाली दिमाग शैतान का पर इस दिमाग में भरे क्या ? जबसे इंडिया में स्किल डिव्ल्पमें...

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