holi hai



होली है 

holi hai


रंग तेरा या रंग मेरा
इस उत्सव का एक ही प्रिये 
हूँ तैयार रंग दे मुझको  
प्रीत के इस रंग से प्रिये 

है वाणी में गुजिया की मिठास 

नशा भांग का तेरे पास 
अबकी होली कुछ ऐसे खेले 
रहे रंगो में जीवन की आस 

मधुरिम - मधुरिम  , मस्तम - मस्तम 

 रगो में चढ़ता होली का खुमार 
शिकवे ना याद करो अब कोई 
 उड़ेगा रंग 
फैलेगा प्यार 

कहीं छुप जाये  

जिसे बुलाये 
चाहे जितना नाच नचाये 
भीगेगी फिर से एक बार   
चुनर वाली देखो आज 



लेखक द्वारा क्वोरा पर दिए एक जवाब से साभार   

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